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हार के बाद विराट के चेहरे की मुस्कान क्या कह रही है?

-अजीत सिंह की कलम से-

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Positive India:Ajit Singh:
खेल मे तो हार जीत होती रहती है…लेकिन भारत पाक के कल खेले गये क्रिकेट मैच मे सामने आयी दो तस्वीरे बहुत कुछ सोचने पर विवश कर देती हैं….पहली जो कल के एक मैच मे भारत की हार पर अपने ही देश मे खुशी से पाक की जीत पर पटाखे चला रहे थे…..जश्न मना रहे थे…जरा सोचिये कि वो युद्ध होने पर के किधर खड़ें होंगे…क्या करेंगे…यही वो छोटे छोटे बिल,बांबी और वो खोह तैयार हो चुके हैं…जहां गजवा के संपोले पल रहे हैं…जिन्हे भारत से कोई प्यार नही है…जो पाकिस्तान के नाम पर नंगे हो जाते हैं…फिर प्रतिउत्तर मिलने पर मुसलमान होने विक्टिम कार्ड खेलने लगते है…बहरहाल पाकिस्तान प्रेम केवल हमारे देश मे बन चुके छोटी छोटी पाकिस्तान जैसी बस्तियों मे ही नही पसरा है….पाकिस्तान की जीत पर तो वो कांग्रेस पार्टी भी फूल कर कुप्पा हो गई है…जिसके नेता आजकल यूपी मे हिंदू होने का ढ़ोंग कर रहे हैं…जिसके नेता पाकिस्तान से मोदी को हटाने के लिये मदद मांगने गये थे…जिसने हिंदू आतंकवाद को जामा पहनाने के लिये मुम्बई पर बर्बर हमला तक करवाया था…जिसकी नजरों मे श्रीराम का अस्तित्व नही है…जिसने हमारे देश के दो टुकड़े करा दिया….वो भी उतने ही प्रसन्न है,जितने हमारे देश मे पल रही पाकिस्तान की नाजायज औलादें हैं…अपने भाईचारे वाले सेकुलिरज्म का चश्मा उतार दीजिये…बल्कि सोचिये और चिंतन करिये की दोनो मे कोई अंतर नही वरन् सैकड़ो समानतायें है…!!

दूसरी बात मै पाक से हार के बाद विराट के चेहरे की मुस्कान की कर रहा हूं कि जिसको उसके देश ने विश्वकप मे पांच बार हराया हो…उस देश से बुरी तरह हारने के बाद क्या किसी भी टीम नायक के चेहरे पर मुस्कुराहट आ सकती है…भले ही कितनी खेल भावना दिल मे भरी हो..मै स्वयं खिलाड़ी रह चुका हूं और अनुभव कर चुका हूं कि कुछ हार अंदर तक झझकोर देती है…वो भी उनसे…जिनसे हम नफरत करते हैं….उसके बाद तो चेहरे पर इस तरह मुस्कान आना संभव नही है…आती भी है तो उसमे दर्द झलकता है…कुछ तो गड़बड़ जरूर है दया…पता करना होगा!!

बहरहाल…जो बीत गया सो बीत गया…अगर सच्चे हो तो अब आगे अपना सब कुछ झोंक दो…जुनून की हद तक जाकर खेलो…और सामने कोई भी हो…सबको पटखनी देकर साबित करो कि तुम सच्चे भारतीय हो…तुम्हे भी हार से दर्द हुआ…तुम्हारा भी अन्तर्मन रोया है…विराट यही तुम्हारी परिक्षा है…पास होकर देशवासियों को पटाखे फोड़ने का अवसर देने के साथ देश मे बन चुके हजारो छोटे छोटे पाकिस्तान मे मातम पसार कर खुद को और अपनी टीम को साबित करो कि तुम सब सच्चे हो…अन्यथा…??

फिलहाल पोस्ट समाप्त करने से पहले मै उन मित्रों को शुभेच्छु होने कारण सलाह दे रहा हूं,जो कल पाकिस्तान से अपने क्रिकेट के हीरों की हार से दुखी हैं…हीरो बनाना है तो सेना के वीरों को बनाइये,जो रोज हमारे और हमारे राष्ट्र की रक्षा के लिये दिन रात सीमा पर न केवल खड़े है वरन् सर्वोच्च बलिदान देने मे एक क्षण नही सोचते हैं…हीरो बनाइये ओलम्पिक के उन खिलाडियों को जिन्होने देश का मान बढ़ाया…हीरो बनाना है तो देश के वैज्ञानिकों,डाक्टर्स,खुफिया एजेन्सियों के डोभाल जैसों को बनाइये…हीरो बनाना है तो देश को समृद्ध,सशक्त और विकसित बनाने की सोच रखने वालों को बनाइये…जब सच्चे नायकों को हीरो मानेगें,कभी दुखी नही होंगे…लेकिन बालीवुड जैसे गटर और क्रिकेट जैसे सट्टे के प्लेटफार्मों पर खड़े लोगों को हीरो मानेंगे तो बुरा मत मानियेगा… सदैव दुखी रहेंगे….!!

#वंदेमातरम्
#Ajit_Singh
साभार:अजीत सिंह-(ये लेखक के अपने विचार हैं)

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