राही की फुलझड़ी
आज फिर, किसी बात पर,
श्रीमती ने अपना तेवर दिखलाया,
मुझपर अपने शब्दों का अस्त्र चलाया-
"हे पति महोदय, मैंने लाख समझाया, काफी वक्त गँवाया,
मगर आपको कुछ समझ में नहीं आया।"
मैंने बिना…
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