प्रेमचंद हमेशा ग़लत खलनायक चुनते हैं , वह भी विप्र
प्रेमचंद हमेशा ग़लत खलनायक चुनते हैं । कहानी सवा सेर गेहूँ में उनका खलनायक एक विप्र जी हैं जिससे किसान एक साधु के भोजन के लिए गेहूँ उधार लेता है और विप्र उस किसान को बंधुआ मज़दूर बना लेता है…
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