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अर्जुन

गीता का छठा अध्याय साधकों-मुमुक्षुओं के ​लिए बड़ा मूल्यवान है

"आत्मसंस्थं मन: कृत्वा" गीता को ब्रह्मविद्या के साथ ही योगशास्त्र भी क्यों कहा गया है- क्योंकि यह ग्रंथ न केवल परब्रह्मविषयक ज्ञान का वर्णन करता है (उप​निषदों की तरह), बल्कि उसकी प्राप्ति…

यदा यदा हि धर्मस्य

यह श्लोक इसलिए लोक​प्रिय है, क्योंकि यह आमजन को सांत्वना देता है। इसका सामान्यतया यह अर्थ लगाया जाता है कि जब-जब धर्म की हानि होगी, तब-तब मैं अवतरित होऊँगा। आमजन सोचते हैं कि जब पाप अपरम्पार…

आप कैसे वाले मामा हैं, कंस मामा, या शकुनी मामा

Positive India:Sarvesh Kumar Tiwari: कल भांजे को लेकर बात छिड़ी तो एक मित्र ने परिहास करते हुए पूछा- "आप कैसे वाले मामा हैं? कंस मामा, या शकुनी मामा?" मैंने उत्तर देने से पहले सोचा,…

हम सौ साल तक भारत से जंग नहीं चाहते – पाकिस्तान

इस्लाम का लक्ष्य पूरी दुनिया को इस्लामी झंडे के नीचे लाना है । ग़ज़वा ए हिंद उनकी हदीसों में दर्ज है । सौ बरस का इंतज़ार कर लेंगे वह ।

पुरुष के पैरों की जंजीर क्या है ? दायित्वों का बोझ!

पुरुष अपने पैरों में यह जंजीर स्वयं बांधता है। जीवन भर बंधा रहता है, कभी उफ नहीं करता। बल्कि इस जंजीर को ही सबसे प्रिय आभूषण मान कर प्रसन्न रहता है। अधिकांश गृहस्थ तो यह भूल ही जाते हैं…

देश विरोध मे नंगे हो चुके सियासत दानों के गले मे राष्ट्रवाद का पट्टा पहनाने का समय आ…

श्रद्धेय अटल जी की साफ छवि,उनकी विकास परक नीतियों से चली सरकार के योगदान को अपने झूठ फरेब,कुचक्रो,छल छंदो और मक्कारी से देश की अधीर जनता को बहका कर कांग्रेस ने अगले दस साल पूरे देश को चोर…