Browsing Category
Books
जीवित रहते दुर्भाग्यशाली और जीवन के बाद सौभाग्यशाली होने की अजीब विडंबना मुक्तिबोध ने…
Positive India:Jai Prakash:
दुर्भाग्य ने मुक्तिबोध का पीछा अंत तक नहीं छोड़ा। वह भोपाल के हमीदिया अस्पताल और दिल्ली के एम्स में करीब छह महीने तक भर्ती रहे। बचाने की तमाम कोशिशें डाक्टरों…
राम कथा का प्रामाणिक स्रोत कौन सा है ?
सबरी के जूठे बेरों वाली कथा एक बहुत बड़े वर्ग को यह आत्मविश्वास देती रही है कि जब जगतनियन्ता हमारे घर भोजन कर सकते हैं तो हम छोटे कैसे हुए?
आदि शंकराचार्य के सम्मुख ‘गुरु-गोविन्द दोउ खड़े’ वाली कोई दुविधा क्यों…
गुरु और गोविन्द।
आदि शंकराचार्य के सम्मुख 'गुरु-गोविन्द दोउ खड़े' वाली कोई दुविधा नहीं थी! वे गोविन्द (श्रीकृष्ण) के उपासक थे और उनके गुरु का नाम भी गोविन्द ही था। वे एक ही पद में यमक या…
अज्ञेय : फिर कहां से तुम ने विष पाया और कहां से सीखा डसना?
कहे अनकहे ढेर सारे महिला प्रसंगों के बावजूद सचमुच न जाने क्यों जीवन में अज्ञेय सचमुच अज्ञेय ही थे। सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’।
हाय ! हम क्यों न हुए खुशवंत !
खैर बात यहां हम खुशवंत सिंह की कर रहे हैं। वह खुशवंत सिंह जो खुद को संजय गांधी का पिट्ठू कहता था। पर क्या सचमुच ही वह पिट्ठू था किसी का? मुझे तो लगता है कि खुशवंत सिंह अगर किसी एक का पिट्ठू…
मौन को कोलाहल निगल लेता है , साधना को संभोग
रशियन सुंदरी दारिया और भारतीय अधेड़ विनय के कामसूत्री मनोशारीरिक प्रयोगों से चित्रलेखा के कुमारगिरि की पाप पुण्य की विवेचना मन मे आती है ।फिर पृश्न उठता है कि ध्यान में साधना या काम और वासना?
कितनी भी परेशानी कोई गिनालें, महानगर छोड़ हम नहीं जाने वाले।
Positive India:Sunil Pandey:
गांव से शहर आए, हम ग्राम वाले
जिंदगी है अब महानगर के हवाले।
आंखों ने इतने सतरंगी सपने पाले
अंतरंगी क्षण को वक्त कब निकाले।
पैसा हाथ का मैल, कितना ही…
गद्य व्यंग्य-संग्रह ‘नैतिकता की खोज’ का विमोचन सम्पन्न
Positive India:Raipur:
29 जनवरी रविवार स्थानीय वृन्दावन सभागार में छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय कवि राजेश जैन ‘राही’ की दसवीं कृति गद्य व्यंग्य-संग्रह ‘नैतिकता की खोज’ का विमोचन माननीय अतिथियों डॉ.…
कमलेश्वर अभी ज़िंदा हैं
कमलेश्वर ने न सिर्फ़ कहानी के मोर्चे पर बल्कि वैचारिक स्तर पर भी खास कर धर्मनिरपेक्षता के मामले पर भी काफी काम किया। और मोर्चा लेना तो उन का जैसे शगल ही था। उन की आवाज़ में जो खनक हमेशा समाई…
“नैतिकता की खोज” का विमोचन 29 जनवरी को रायपुर में
कवि राजेश जैन राही की 10वीं कृति गद्य व्यंग्य संग्रह "नैतिकता की खोज" का विमोचन 29 जनवरी 2023 रविवार संध्या 5 से 8 बजे वृंदावन सभागार, सिविल लाइंस रायपुर में होगा ।